सुना अनसुना हो जाता गर कोई उपाय होता ।
भूला हूँ तुझे एक बार यादों का झरौखा होता ।
सूना अरमानो का रीता झोला भी आबाद होता ।
अदाओ का सिलसिला जिन्दगी रोशन करता।।
गम छितराये ऐसा कोई झौका हमें भी घेर ठंडक दे।
लब मादकता कैसर हवा संग मिल हमको भी कह दे।
रब मेरे विरानियो का झंझाल कहीं ओर भी सरका दे।
पगडंडी ही सही कदम रखने की थोड़ी जगह तो दे दे।।
छगन लाल गर्ग।
भूला हूँ तुझे एक बार यादों का झरौखा होता ।
सूना अरमानो का रीता झोला भी आबाद होता ।
अदाओ का सिलसिला जिन्दगी रोशन करता।।
गम छितराये ऐसा कोई झौका हमें भी घेर ठंडक दे।
लब मादकता कैसर हवा संग मिल हमको भी कह दे।
रब मेरे विरानियो का झंझाल कहीं ओर भी सरका दे।
पगडंडी ही सही कदम रखने की थोड़ी जगह तो दे दे।।
छगन लाल गर्ग।