Tuesday, June 14, 2016

नवीन युग

बूरा तो नही मानोंगे
बात ही ऐसी हैं कि झिझकता हूँ कहते
आजकल एक नवीन युग का श्रीगणेश हुआ
हमारे हिन्दूस्तान मे
ओर अब लगने लगा हैं कि बहुत महान हम
हर क्षेत्र मे सर्वोत्तम
ओर विशेषकर धर्म का आत्मीय साक्षात्कार
इससे पहले नही हो पाया
अब लगता है महान हूँ मैं
इस कारण कि हिन्दू हूँ
यह प्रतीति पहले थी
राजनीतिक गलियारे ले आये
व्यक्ति गरिमामय जीवन का सार
ओर अब लगने लगा सार्थक मेरा जीवन
बहुत समय बाद जागी आत्म चेतना
ओर अब निश्चित हो गया
अपने जीवन का लक्ष्य
हिन्दूस्तान का कर्ज चुकता होगा तभी
जब मैं बन सकूँ सही अर्थों में सनातन हिन्दू
छगन लाल गर्ग