इस युग में सत्य
निर्धारित किया जाता
बहुमत से
सत्य की स्वयं की नही होती
पृष्ठभूमि
पृष्ठभूमि वाला असली सत्य
अब मांगता छूट
बहुत तिलमिला कर सिमटता
युग की यांत्रिक गर्मी से झुलसता
मुक्ति चाहता
देता हैं छूट गढो तुम अपना
परिमार्जन किया ताजा सभ्य सत्य
पुख्ता प्रमाण लिए
नवीन प्रतिभा का हुनर देता सत्य
जिसमे रखने होते अकाट्य तर्क
ओर समझदारी भरे सबूत जिससे
असलियत आभासित हो सके
प्रमाण ओर तथ्य देकर
ओर यह सब सुलभ
आज के संदर्भ व्यक्ति की सूझ बूझ
से ज्यादा
गढे नवीन सत्य का जादू
प्रसारण की पराकाष्ठा का बने पवन
ओर हर जरूरत मंद ले प्राण वायु
केवल वही
ओर फैलती रहे नवीन सत्य की गूँज
विश्व मे पावन ज्ञान की धारा बनकर
कि यही सत्य जो
अंकुरित हुआ नवीन युग की आवश्यकता
बनकर अटल सार वान ।
छगन लाल गर्ग ।
निर्धारित किया जाता
बहुमत से
सत्य की स्वयं की नही होती
पृष्ठभूमि
पृष्ठभूमि वाला असली सत्य
अब मांगता छूट
बहुत तिलमिला कर सिमटता
युग की यांत्रिक गर्मी से झुलसता
मुक्ति चाहता
देता हैं छूट गढो तुम अपना
परिमार्जन किया ताजा सभ्य सत्य
पुख्ता प्रमाण लिए
नवीन प्रतिभा का हुनर देता सत्य
जिसमे रखने होते अकाट्य तर्क
ओर समझदारी भरे सबूत जिससे
असलियत आभासित हो सके
प्रमाण ओर तथ्य देकर
ओर यह सब सुलभ
आज के संदर्भ व्यक्ति की सूझ बूझ
से ज्यादा
गढे नवीन सत्य का जादू
प्रसारण की पराकाष्ठा का बने पवन
ओर हर जरूरत मंद ले प्राण वायु
केवल वही
ओर फैलती रहे नवीन सत्य की गूँज
विश्व मे पावन ज्ञान की धारा बनकर
कि यही सत्य जो
अंकुरित हुआ नवीन युग की आवश्यकता
बनकर अटल सार वान ।
छगन लाल गर्ग ।