नही फर्क पडता
तुम किसके साथ
तवज्जो इस बात पर
तुम्हारा अपना वजन कितना
केवल पिचल्लगू तो नही
संख्या या अस्तित्व रक्षा निमित्त
तुम्हारा वजूद तो नही
यह माना कि आज बहुत चर्चित हो
अपने समान स्तर पर
कुछ आदरणीय हो
अब रखना पडता हैं ध्यान
हर शब्द तुम्हें कहने से पहले
यह बिल्कुल अलग बात
कितनी कद्र करते हम
केवल तुम्हारी संगत सत्ता पक्ष से
नही पता हमे तुम्हारा पायदान
पर इससे क्या
खलल डालने मे समर्थ हो सकते तुम
हमेशा सत्ता पक्ष के कच्चे होते कान
बस यही कारण
हम बख्शते हैं इज्जत तुमको
पर सच कहूँ तुमसे डर लगता
अंतराल गहराई बढती जाती
नही कह सकता सच्चाई दिल की
यह विषय रहने दो हमारा
तुम्हारे सत्य की समीक्षा कर लेंगे हम
एकांत मे एक दूसरे के कानों में
हम सामान्य व्यक्तियों को अब
रहना होगा मौन अवसर मिलने तक ।
छगन लाल गर्ग ।
तुम किसके साथ
तवज्जो इस बात पर
तुम्हारा अपना वजन कितना
केवल पिचल्लगू तो नही
संख्या या अस्तित्व रक्षा निमित्त
तुम्हारा वजूद तो नही
यह माना कि आज बहुत चर्चित हो
अपने समान स्तर पर
कुछ आदरणीय हो
अब रखना पडता हैं ध्यान
हर शब्द तुम्हें कहने से पहले
यह बिल्कुल अलग बात
कितनी कद्र करते हम
केवल तुम्हारी संगत सत्ता पक्ष से
नही पता हमे तुम्हारा पायदान
पर इससे क्या
खलल डालने मे समर्थ हो सकते तुम
हमेशा सत्ता पक्ष के कच्चे होते कान
बस यही कारण
हम बख्शते हैं इज्जत तुमको
पर सच कहूँ तुमसे डर लगता
अंतराल गहराई बढती जाती
नही कह सकता सच्चाई दिल की
यह विषय रहने दो हमारा
तुम्हारे सत्य की समीक्षा कर लेंगे हम
एकांत मे एक दूसरे के कानों में
हम सामान्य व्यक्तियों को अब
रहना होगा मौन अवसर मिलने तक ।
छगन लाल गर्ग ।