Wednesday, June 15, 2016

असलियत

सुनते हो असलियत
प्रवचन पर मनन होना चाहिए
अच्छी करते व्याख्या
पारखी सत्य कथावाचक
अब नही तनिक संचय
सतयुग के प्रणेता
अर्पित हो चुके धर्माचरण में
ओर बहुत बहुत शिष्यगण
नवाचार कर हटाने जुटे शैतानियत
अब नही आवश्यकता
पाप हटाने की स्वयं
गुरु कृपा व शिष्य चेष्टा से उतरेंगे पार
सत्य के प्रवर्तक
स्वयं अंगीकृत किये सत्य
नही आवश्यकता साक्षात सत्य की
इनकी व्याख्या
इनके प्रवचन के सत्य को सुनो
ओर हो जाओ स्वयं पंडित
करना सिख जाओ व्याख्या सत्य की
समझ लेना मिला सत्य
नव युग का सत्य
केवल प्रवचन मे ही रहता
आचरण मे लाते ही हम नही रह सकते
सभ्य सुसंस्कृत ओर आधुनिक
अधिकांश अनपढ साक्षर
इसी कारण रह गये मूढ परंपरावादी
नव युग लायकियत का सूत्र
सत्य बोलने का करते रहो अभियन
सिखाते रहो सत्य की व्याख्या
यही असलियत का पाठ
पढते रहो प्रवीण शास्वत ज्ञान निमित्त ।
छगन लाल गर्ग ।