नही होता भरोसा
अपने लघुता युक्त मूढताओं पर
बिल्कुल मनन नकारात्मक
जीवन की बहुतायत ऊर्जा
करते जाता खर्च
अंध अनुकरण
पर्दे की तिलस्मी दुनिया का
जो केवल बहुरूपिया जीवन दृश्य
ओर मे उसी मे विमोहित
मात्र तुच्छता युक्त हरकतों मे
हर बनावट के साथ रंग जाता
बदल देता स्वच्छ कुदरत
ओर इसी मूर्खता मे
मौलिक रूप होता जाता दूषित
कहां रह पाता प्राकृत मे
बहुत गहरे
जीवन का शुद्ध आचरण अज्ञात मे
होने लगता प्रभावित
ओर छल प्रवंचना का अदभुत कौशल
मुझे नहीं रहने देता मानव
बन जाता फिर चलता फिरता पोस्टर
यांत्रिक मानव
ओर यह प्रजाति प्रगतिशील हो
मनन करना होगा
मुझे अपनी मूढताओं पर।
छगन लाल गर्ग ।
अपने लघुता युक्त मूढताओं पर
बिल्कुल मनन नकारात्मक
जीवन की बहुतायत ऊर्जा
करते जाता खर्च
अंध अनुकरण
पर्दे की तिलस्मी दुनिया का
जो केवल बहुरूपिया जीवन दृश्य
ओर मे उसी मे विमोहित
मात्र तुच्छता युक्त हरकतों मे
हर बनावट के साथ रंग जाता
बदल देता स्वच्छ कुदरत
ओर इसी मूर्खता मे
मौलिक रूप होता जाता दूषित
कहां रह पाता प्राकृत मे
बहुत गहरे
जीवन का शुद्ध आचरण अज्ञात मे
होने लगता प्रभावित
ओर छल प्रवंचना का अदभुत कौशल
मुझे नहीं रहने देता मानव
बन जाता फिर चलता फिरता पोस्टर
यांत्रिक मानव
ओर यह प्रजाति प्रगतिशील हो
मनन करना होगा
मुझे अपनी मूढताओं पर।
छगन लाल गर्ग ।