माना कि सपने
पार्थ की गति हैं
संकल्प ओर विश्वासो का
हौसला हैं
गतिरोध पहाडो का
प्रतिकार हैं
पर
अभी कुछ बाकी हैं
जिसे भाव भंगिमा
या कि हौसलो के साथ
अस्तित्व विलय के
दृढ़ संकल्प अंकुरित बीज
चाहिए
जो बाकी रहे
रीतेपन को
भरे।
छगनलाल गर्ग।
पार्थ की गति हैं
संकल्प ओर विश्वासो का
हौसला हैं
गतिरोध पहाडो का
प्रतिकार हैं
पर
अभी कुछ बाकी हैं
जिसे भाव भंगिमा
या कि हौसलो के साथ
अस्तित्व विलय के
दृढ़ संकल्प अंकुरित बीज
चाहिए
जो बाकी रहे
रीतेपन को
भरे।
छगनलाल गर्ग।