जय हो जनार्दन विवेक तुम्हारा धन्य हो बिहार ।
किया मतदान गरीब हित तुम हो चेतना की धार।
गरूर सता घना बना तोड़ सपने किया बंटाधार।
फेकू मर्दन था जरूरी पकडी अब हैं नयी रफ्तार ।
जूमले फूहड हो बेनकाब बाकी बहुत रंगे सियार ।
धर्म निरपेक्ष देश मे धर्म उन्माद का तोडा आडंबर ।
रखना सत्य बरकरार सबको मिले समान अधिकार ।
बढ़ो आगे बाकी हैं यात्रा लालू राहुल नितिश कुमार ।।
छगन लाल गर्ग।
किया मतदान गरीब हित तुम हो चेतना की धार।
गरूर सता घना बना तोड़ सपने किया बंटाधार।
फेकू मर्दन था जरूरी पकडी अब हैं नयी रफ्तार ।
जूमले फूहड हो बेनकाब बाकी बहुत रंगे सियार ।
धर्म निरपेक्ष देश मे धर्म उन्माद का तोडा आडंबर ।
रखना सत्य बरकरार सबको मिले समान अधिकार ।
बढ़ो आगे बाकी हैं यात्रा लालू राहुल नितिश कुमार ।।
छगन लाल गर्ग।