थकान केवल अहसास नहीं
हकीकत बन जीवन हारता
हद तो यह तन शिथिलता का हनन
अति तेज हुआ घने अंधेरे को
आमन्त्रित करता
निन्द उसी दशा मे तन घेरती
महसूस करता हूँ
थकान ओर अंधेरे का साथ
जीवन क्यों महसूस करता हैं
अनुभूति गहरी हैं
अंधकार ओर थकान का न होना
जीवन की त्रासदी हैं
जीवन का अंत समीप ही
एक सूचना हैं
जरूरी हैं जिन्दा रहने को
थकान ओर अंधेरा ।
छगन लाल गर्ग।
हकीकत बन जीवन हारता
हद तो यह तन शिथिलता का हनन
अति तेज हुआ घने अंधेरे को
आमन्त्रित करता
निन्द उसी दशा मे तन घेरती
महसूस करता हूँ
थकान ओर अंधेरे का साथ
जीवन क्यों महसूस करता हैं
अनुभूति गहरी हैं
अंधकार ओर थकान का न होना
जीवन की त्रासदी हैं
जीवन का अंत समीप ही
एक सूचना हैं
जरूरी हैं जिन्दा रहने को
थकान ओर अंधेरा ।
छगन लाल गर्ग।