यह आसमा क्या मेरे लिए
जहाँ अनन्त खुलापन स्वीकारता मुझे
आधारहीन ऊँचाई का करिश्मा बना हूँ मैं
बिना धरातल का पंखी हुआ विचरता मैं
ना कोई बाधा ना ही कोई प्रतिस्पर्धा
केवल मैं और मैं
आशीर्वाद पाया हूँ शास्त्रीय परमात्मा से
यह तुम्हारे परमात्मा से ऊँची हस्ती हैं
जिसे साबित करने की आवश्यकता नहीं
खुद उसी की वाणी
चमत्कारी शास्त्र बने हैं
जिसमें अस्तित्व तुम्हारा हेय अधम दर्जे का
केवल सेवा निमित्त हमारी
यही तुम्हारी जिन्दगी ओर जिन्दा रहने का
असली राज हैं
देखो निरखो सराहो दूरी से
हम आकाशिय जीव धरातलीय जीवो से
अनन्त ऊँचे
बराबरी का हक माँगते शर्म करो
आरक्षण की तुम्हें नहीं हमें जरूरत हैं
क्यों कि हम आकाशिय स्वर्ग हैं
तुम सभी शास्त्र ओर धर्म विरोधियो को
ओकात बतानी होगी
आखिर हम आकाशिय ठहरे ।
छगन लाल गर्ग।
जहाँ अनन्त खुलापन स्वीकारता मुझे
आधारहीन ऊँचाई का करिश्मा बना हूँ मैं
बिना धरातल का पंखी हुआ विचरता मैं
ना कोई बाधा ना ही कोई प्रतिस्पर्धा
केवल मैं और मैं
आशीर्वाद पाया हूँ शास्त्रीय परमात्मा से
यह तुम्हारे परमात्मा से ऊँची हस्ती हैं
जिसे साबित करने की आवश्यकता नहीं
खुद उसी की वाणी
चमत्कारी शास्त्र बने हैं
जिसमें अस्तित्व तुम्हारा हेय अधम दर्जे का
केवल सेवा निमित्त हमारी
यही तुम्हारी जिन्दगी ओर जिन्दा रहने का
असली राज हैं
देखो निरखो सराहो दूरी से
हम आकाशिय जीव धरातलीय जीवो से
अनन्त ऊँचे
बराबरी का हक माँगते शर्म करो
आरक्षण की तुम्हें नहीं हमें जरूरत हैं
क्यों कि हम आकाशिय स्वर्ग हैं
तुम सभी शास्त्र ओर धर्म विरोधियो को
ओकात बतानी होगी
आखिर हम आकाशिय ठहरे ।
छगन लाल गर्ग।