धारणाओ का उफान
कसोटने लगता
जिन्दगी के सत्य
अनमनापन लिए जीना होता
जिन्दगी तुझे
दुख का बहाव
दिशा बदलता आने लगता
मेरी ओर
कि सारी सौच बहती जाती
उसी गति प्रवाह
जहां धारणाओं का अंबार
लेता हैं बहाव
अंध विश्वास झकडता जाता
हर क्रियाओं को
ओर मैं करता जाता वहीं
जो बहुमत कहता
ग्रह नक्षत्र जादू टोना
का चक्रव्यूह
चलता रहता अबाध
ओर विषम जिन्दगी
अहसास करती अच्छे दिनों की
सत्य हटा
एक काल्पनिक अहसास
का यह दौर
प्रभावित हुआ मैं
अकर्मण्य जीता रहता
जिन्दगी तुझे
यह कपोल कल्पना
यथार्थ जीवन की त्रासदी
कि प्रतिस्पर्धा के इस युग भी
पिछड़ा जीवन
ढकोसले की धारणाओं से
नहीं सत्य जानना होगा
कर्म ही मंगल
कर्म ही श्रेय
ओर कर्म ही सत्य
अन्यथा का रह ना जाय
यह जीवन
आस्था मात्र असीम की
पाले ससीम जीवन
ध्येय की इच्छा परिणाम
तिरस्कृत करता जाता
यह भव धाम
असफल ना हो जाय
धारणाओं का त्याग
स्वयं सत्य जाने
करना ही जीवन हो
धारणाओं का उफान
सत्य तुला से तोलना होगा ।
छगन लाल गर्ग।
कसोटने लगता
जिन्दगी के सत्य
अनमनापन लिए जीना होता
जिन्दगी तुझे
दुख का बहाव
दिशा बदलता आने लगता
मेरी ओर
कि सारी सौच बहती जाती
उसी गति प्रवाह
जहां धारणाओं का अंबार
लेता हैं बहाव
अंध विश्वास झकडता जाता
हर क्रियाओं को
ओर मैं करता जाता वहीं
जो बहुमत कहता
ग्रह नक्षत्र जादू टोना
का चक्रव्यूह
चलता रहता अबाध
ओर विषम जिन्दगी
अहसास करती अच्छे दिनों की
सत्य हटा
एक काल्पनिक अहसास
का यह दौर
प्रभावित हुआ मैं
अकर्मण्य जीता रहता
जिन्दगी तुझे
यह कपोल कल्पना
यथार्थ जीवन की त्रासदी
कि प्रतिस्पर्धा के इस युग भी
पिछड़ा जीवन
ढकोसले की धारणाओं से
नहीं सत्य जानना होगा
कर्म ही मंगल
कर्म ही श्रेय
ओर कर्म ही सत्य
अन्यथा का रह ना जाय
यह जीवन
आस्था मात्र असीम की
पाले ससीम जीवन
ध्येय की इच्छा परिणाम
तिरस्कृत करता जाता
यह भव धाम
असफल ना हो जाय
धारणाओं का त्याग
स्वयं सत्य जाने
करना ही जीवन हो
धारणाओं का उफान
सत्य तुला से तोलना होगा ।
छगन लाल गर्ग।