Sunday, March 13, 2016

हिस्सेदारी ।

अतीत का अनंत
नही छोडता पीछा
आकारवान होने लगता
 तस्वीरों के साथ
विगत परिश्रम झकझोर कर
अकथ वेदना देता अनायास
लंबे  अंतराल बाद
कोई परिणाम नही पाया
परिश्रम का वक्त हुआ बरामद
अमुल्य जीवन के सुनहरे क्षण
गूढ मेहनत तले बीते
गया  ऊर्जा भरा यौवन
अध्ययन मे
रात दिन संलग्न प्रतियोगी परीक्षा
तैयारी हर पल हर बार
क्या हो
सवाल भी बडा भविष्य जुडा
ओर उधर
प्रबल दावेदार सक्षमता की दिव्य कसौटी
धारक मारक हमारे  अरमानो के
व्यवस्था से जुडे समर्थ उम्मीदवार
धता बताते पढाई की पराकाष्ठा को
लगाये जीत अपनी झोली
हम धैर्यवान परिश्रमी
आज भी वही करते
पीछले  एक दशक से
अब हाँफने लगी धैर्य की सीमा
शायद शामिल हो सके
अच्छे दिनो के किसी अंश के
हिस्सेदार हम भी ।