ठीक रहा
इस कदर लडना सगे भाइयों में
दोनों ओर से नहीं कमी
गंदले शब्दों की
मां सामने बेबाक बोल
शर्मन्दगी सीमा लाघंते
ओर अच्छा पढ़ें लिखे दोनों
देते हर लब्ज के साथ सबूत
अहंकार लिपटी भद्दास
कुलीन घर की कुलीनता
कलंकित होती
मात्र संम्पति का बँटवारे का
माँ का भावना भरा निर्णय
कि बेरोजगार छोटा भाई
माँ के रहने तक
लेता रहेगा माँ के हिस्से का हक
ओर माँ रहेगी उसी के साथ ।
छगन लाल गर्ग ।
इस कदर लडना सगे भाइयों में
दोनों ओर से नहीं कमी
गंदले शब्दों की
मां सामने बेबाक बोल
शर्मन्दगी सीमा लाघंते
ओर अच्छा पढ़ें लिखे दोनों
देते हर लब्ज के साथ सबूत
अहंकार लिपटी भद्दास
कुलीन घर की कुलीनता
कलंकित होती
मात्र संम्पति का बँटवारे का
माँ का भावना भरा निर्णय
कि बेरोजगार छोटा भाई
माँ के रहने तक
लेता रहेगा माँ के हिस्से का हक
ओर माँ रहेगी उसी के साथ ।
छगन लाल गर्ग ।