Friday, March 11, 2016

महा ज्ञान ।

असंख्य अनुसंधान
जटिल परिवेश रहते
ज्ञान पिपाशुओं की
भीतरी ऊर्जा
तन मन की
विकल दशा झेलते
तर्कों ओर तथ्यों का
सेतु
पूरे प्रांजल दृढ़ तत्वों से
बाँध कर प्रस्तुति देते
सारगर्भित सत्य की
तब लेते डिग्री
पी एच डी
फिर
पुख्ता प्रमाण पाये
करते
मीमांशा तथ्यों की
विचारों ओर भावों की
कहलाते
गरिमा पाते महाज्ञानी
पर ज्ञान यदि आया
या कि उत्पन्न हुआ
या कि सिखा
या कि जाना
बड़े फर्क देते हैं शब्द
सच्चाई बड़ी
कटुता भरी
महान के निमित्त
ज्ञान न तो
मद देता हैं
ना मूढता
ना अहंकार
ना तनाव
देता मात्र शांति
हो जाते हम
अजान निर्अहंकारी
लक्षण यही
ज्ञान से भरे ज्ञानी का ।
छगन लाल  गर्ग ।