शिक्षक मित्र की
सेवा निवृत्ति का दृश्य
बाजे गाजे के साथ
देखता हूँ आते
सड़क सड़क
मेरे घर की तरफ
पक्की सड़क छोडनी पडती
जब आना होता मेरी गली
व्यवस्थित परन्तु
पसरी हैं कच्ची सड़क
मेरी घर की तरफ
शिक्षक मित्र
अच्छे घर के वैभवशाली
बड़े सुंदर बंगले के स्वामी
बड़ी चौड़ी पक्की सडक जाती
उनके घर से सटी सड़क
पता नहीं क्यों निकलता
बरघोडा पक्की छोड़ कच्ची सड़क
घुडसवारी किये शिक्षक मित्र
आते दिखते धीरे धीरे
अपार भीड़ के साथ इस तरफ
विशाल टेन्ट सजाया संवारा
रिटायरमेंट पार्टी निमित्त
बढ़ता घोड़ा नाच करता आता
मित्र को लिए मेरी तरफ
उठता हूँ लिफाफे मे पहले से ही तैयार
आभार रकम देता विनीत होता
मुस्कराता देने लगता हूँ बधाई
पर भीड़ के शौर मे
नहीं सुन पाते मित्र
ओर न मैं स्वयं
लिफाफे पर उनकी दृष्टि भी नहीं
केवल नाचगाने के साथ
चलता जाता कारवाँ
उनकी प्रतिक्रिया वंचित हुआ मैं
स्थित प्रज्ञ सा देखता
सुरक्षित स्थान पर खड़ा
ओर आवाजें होती जाती दूर
चारों तरफ मुझे घेरे
देखता हूँ धूल भरा गुलाल
सेवा निवृत्ति का
बडा नाता करता हूँ महसूस
अपना भी
उडती धूल से बने गुलाल से ।
छगन लाल गर्ग ।