प्रबुद्ध व्यक्तित्व
सुसंस्कृत परिमार्जित
आचरण शुद्धता
अनुकरणीय
आकर्षित गरिमामय
यह मानवीयता युक्त
परमार्थ
ओर जीवन का सत्यार्थ
अब
कुलिन भाषामय नहीं रहा
शब्द वेदमय
परमेश्वरीय महिमा
जब उच्चारण
व्यक्ति करता
व्यक्तित्व ओर चरित्र
अभिव्यक्ति देता
शब्द हो गरिमामय
ऊँचाई स्थित
प्रतिष्ठित भी विद्वान भी सतावान भी
बड़ी तेज गति से उतरते जाते
खाई की तरफ अति नीचे
गंदगी की दुर्गंध देते शब्द
ओर करते जाते
अपनी सर्वोच्चता का दावा
क्या होगा
बड़ी अनजानी
चिंता घिरती जाती
सत्य ओर सतभाषा
कब उकेरेगे
अपनी जुबान
मायुस ओर उदास
आज का प्रजातंत्र
निहारता
आँकाक्षा भरी नजर
मेरे देश के नाविको
सुनो भी जन की पुकार ।
छगन लाल गर्ग ।
सुसंस्कृत परिमार्जित
आचरण शुद्धता
अनुकरणीय
आकर्षित गरिमामय
यह मानवीयता युक्त
परमार्थ
ओर जीवन का सत्यार्थ
अब
कुलिन भाषामय नहीं रहा
शब्द वेदमय
परमेश्वरीय महिमा
जब उच्चारण
व्यक्ति करता
व्यक्तित्व ओर चरित्र
अभिव्यक्ति देता
शब्द हो गरिमामय
ऊँचाई स्थित
प्रतिष्ठित भी विद्वान भी सतावान भी
बड़ी तेज गति से उतरते जाते
खाई की तरफ अति नीचे
गंदगी की दुर्गंध देते शब्द
ओर करते जाते
अपनी सर्वोच्चता का दावा
क्या होगा
बड़ी अनजानी
चिंता घिरती जाती
सत्य ओर सतभाषा
कब उकेरेगे
अपनी जुबान
मायुस ओर उदास
आज का प्रजातंत्र
निहारता
आँकाक्षा भरी नजर
मेरे देश के नाविको
सुनो भी जन की पुकार ।
छगन लाल गर्ग ।