Sunday, March 27, 2016

भाषा ।


कहना हर किसी को
अंग्रेजी बोलता
हमारा बच्चा फरार्टे से
फूल जाता मेरा सीना
हो जाता छप्पन इंन्ची
चलो हम नही पढ़े तो क्या
उतरावस्था मे पाई हमने
जीवन की पूर्णता
मशीनरी स्कूल पढ़ता
उसे देखते बोलते इठलाता हूँ मैं
अरे भाई
लंबी चोडी पढाई के बाद भी
हम नहीं सीख पाये
धारावाहिक बोलना हिंदी मे
सुनते हो बच्चा बोलता
धारावाहिक अंग्रेजी
अच्छा हुआ नहीं रहे सरकारी
स्कूल भरोसे
पेसा लगा सही रास्ते
पर दर्द उभरता उस समय
जब हिंदी  शब्दों के
पूछता अर्थ अंग्रेजी मे
गड़बडा जाता मैं
क्या बताऊँ
हिंदी वर्णाक्षर शब्द नहीं जानता
उच्चारण नहीं कर पाता
हिंदी शब्दों का
धंस जाती सारी हैकडी मेरी
जिसे अपनी माँ की पहचान नहीं
वह क्या कर सकेगा
मानवता की कद्र
संघर्ष प्रतियोगिता वस
ओर पद प्राप्ति से ज्यादा जरूरी
मातृभाषा व माँ की पहचान
उसका ममत्व पाये बिना
जीवन निस्सार ।
छगन लाल गर्ग।