अनदेखी मत करो
जरा रूको
देखो ना मुझे भी हूँ अभी
असलियत यह हूँ बेकाम
सामर्थ्य विखंडित
केवल दृश्य बना हूँ स्थूल बिम्ब
फिर भी नही कर सकता
मैं खुद स्वयं अस्वीकार
तुम भी मत करो उपेक्षा मेरी
चाहे करो घृणा
या कि उपहास कटु शब्दो से मेरा
ठीक रहेगा
अहसास होगा मुझे मेरा होना
पर तुम
मौन चुपचाप अनदेखा कर चल देते
बडा दर्द महसूस करता हूँ
कुछ भी कहो
अच्छा या कि बुरा यह तुम्हारा विवेक
पर मुझे अछुआ मत छोडो
नही जी पाऊंगा
रूको थोडे देखो मुझे
ओर अहसास करो मेरे होने का ।
छगन लाल गर्ग ।
जरा रूको
देखो ना मुझे भी हूँ अभी
असलियत यह हूँ बेकाम
सामर्थ्य विखंडित
केवल दृश्य बना हूँ स्थूल बिम्ब
फिर भी नही कर सकता
मैं खुद स्वयं अस्वीकार
तुम भी मत करो उपेक्षा मेरी
चाहे करो घृणा
या कि उपहास कटु शब्दो से मेरा
ठीक रहेगा
अहसास होगा मुझे मेरा होना
पर तुम
मौन चुपचाप अनदेखा कर चल देते
बडा दर्द महसूस करता हूँ
कुछ भी कहो
अच्छा या कि बुरा यह तुम्हारा विवेक
पर मुझे अछुआ मत छोडो
नही जी पाऊंगा
रूको थोडे देखो मुझे
ओर अहसास करो मेरे होने का ।
छगन लाल गर्ग ।