स्मृति नही चेतन
अनुभूति की त्वरित उपज
स्मृति पूर्व भुगता अनुभव
जिसका होता मात्र दोहरान
एक पुराना सत्य भोगा
जो तत्कालीन उपज चेतन की
ओर गत्यात्मक समय
बदल देता हर पल का सत्य
कल अब नही
वह बन चुका अतीत व्यतीत
नही उपादेय तत्काल क्षण का अंश
बदल चुकी समय की सच्चाई
हर पल बदल देता अतीत का सच
बदल जाता जीवन
उसके विचार उसकी राहें
जीवन हर दिन से रहता असंगत
संगत मानव केवल अतीत
आओ जीवन को संगत नही
असंगत बनाये
हर नव बोध स्वगत करें।
छगनलाल गर्ग ।
अनुभूति की त्वरित उपज
स्मृति पूर्व भुगता अनुभव
जिसका होता मात्र दोहरान
एक पुराना सत्य भोगा
जो तत्कालीन उपज चेतन की
ओर गत्यात्मक समय
बदल देता हर पल का सत्य
कल अब नही
वह बन चुका अतीत व्यतीत
नही उपादेय तत्काल क्षण का अंश
बदल चुकी समय की सच्चाई
हर पल बदल देता अतीत का सच
बदल जाता जीवन
उसके विचार उसकी राहें
जीवन हर दिन से रहता असंगत
संगत मानव केवल अतीत
आओ जीवन को संगत नही
असंगत बनाये
हर नव बोध स्वगत करें।
छगनलाल गर्ग ।