हर कदम
बढने से पहले
झिझक जाने दो
अच्छा रहेगा
राह का पूर्वानुमान होना
सुरक्षित व्यवस्था का
अवसर
किनारे से नही मंथन से
होगा
जरूरी हैं विकास की नई यात्रा
एक जोखिम जिन्दगी
नये रास्ते नयी जीवन शैली
बिना खोये का पाना है यह
पुराना त्याग
जो वास्तविक नही कभी
नये से जुडना भी
वास्तविक कहां
एक नीरस का त्याग करना
ओर नवीन रहस्यमय जीवन
अज्ञात असीम
मत रूको किनारे
रूकने के मोह मे ही हार छिपी
ओर नवीन मे
छिपे रहस्य ना भी पा
पर उस हार मे भी
अहसास होगा नवीन जीत का
यह ही है रहस्य भरी
उडान का आमंत्रण ।
छगनलाल गर्ग ।
बढने से पहले
झिझक जाने दो
अच्छा रहेगा
राह का पूर्वानुमान होना
सुरक्षित व्यवस्था का
अवसर
किनारे से नही मंथन से
होगा
जरूरी हैं विकास की नई यात्रा
एक जोखिम जिन्दगी
नये रास्ते नयी जीवन शैली
बिना खोये का पाना है यह
पुराना त्याग
जो वास्तविक नही कभी
नये से जुडना भी
वास्तविक कहां
एक नीरस का त्याग करना
ओर नवीन रहस्यमय जीवन
अज्ञात असीम
मत रूको किनारे
रूकने के मोह मे ही हार छिपी
ओर नवीन मे
छिपे रहस्य ना भी पा
पर उस हार मे भी
अहसास होगा नवीन जीत का
यह ही है रहस्य भरी
उडान का आमंत्रण ।
छगनलाल गर्ग ।