आओ ना
एक राग हो ले
मन का कुछ मान रख ले
अनचाही यादों के घेरे
कुछ पल विस्मृत कर जी ले
देखो ना नभ घना है निखरा
सौन्दर्य उकेरता इठलाता लगता
हलचल बदरी देती इशारे
मुस्कान जादू बिखेरती जाती
लुकाछिपी का खेल भरमाता
आओ ना हम भी जी भरमा ले
देखो वही रूकी देखती
नजर मिलते ही मिटती बिखरती
उमड घुमड इठलाती जाती
आओ ना इसे हम चित मे भर ले
देखो तो वह उषा सुकुमारी
अंबर इठलाये प्राची किनारे
अरूण आभामय आनन मुस्काये
भर भर लायी लालिमा नशिला प्याला
खोलो ना अधर हम रसपान कर ले
पवन हिलोरे लेती गाती उषा
सौन्दर्य नशा बरसाती जाती
सौन्दर्य अस्तित्व खोते जाते
तारागण अपनी देह छिपाते
विकल हुए अब रजनी के संग
छिपते छिपाते हमे भरमाते
मादक मृदुल संगीत उकेरे
उषा वयसंधि गीत सुनाती
यौवन लहर अब सुरभि भर भर
रश्मियों संग हम पर बिखराती
यौवन भरी रश्मियां बाला
दिनकर प्रिय अनुराग लिए
मुकुल नवल रस गागर लाती
पवन संग ले इठलाये रश्मि
तम विनाश हर्ष मनाती
लो लतिका ने लहराया अंचल
उघडा रे नवनीत सौन्दर्य
मादकता बन बहता दरिया
देखो ना मदभरा लावण्य अलौकिक
रश्मियों के घिरी जाल मे
उषा अपना रूप लजाये
कलरव करते पंछी आये
गीत प्रभात नवेले गाते
आशाओं का राग भरा रे
आओ ना प्रियतम आई बेला
स्नेह सुंदरी आंगन घेरे
आओ ना अब एक राग हो ले।
छगन लाल गर्ग।
एक राग हो ले
मन का कुछ मान रख ले
अनचाही यादों के घेरे
कुछ पल विस्मृत कर जी ले
देखो ना नभ घना है निखरा
सौन्दर्य उकेरता इठलाता लगता
हलचल बदरी देती इशारे
मुस्कान जादू बिखेरती जाती
लुकाछिपी का खेल भरमाता
आओ ना हम भी जी भरमा ले
देखो वही रूकी देखती
नजर मिलते ही मिटती बिखरती
उमड घुमड इठलाती जाती
आओ ना इसे हम चित मे भर ले
देखो तो वह उषा सुकुमारी
अंबर इठलाये प्राची किनारे
अरूण आभामय आनन मुस्काये
भर भर लायी लालिमा नशिला प्याला
खोलो ना अधर हम रसपान कर ले
पवन हिलोरे लेती गाती उषा
सौन्दर्य नशा बरसाती जाती
सौन्दर्य अस्तित्व खोते जाते
तारागण अपनी देह छिपाते
विकल हुए अब रजनी के संग
छिपते छिपाते हमे भरमाते
मादक मृदुल संगीत उकेरे
उषा वयसंधि गीत सुनाती
यौवन लहर अब सुरभि भर भर
रश्मियों संग हम पर बिखराती
यौवन भरी रश्मियां बाला
दिनकर प्रिय अनुराग लिए
मुकुल नवल रस गागर लाती
पवन संग ले इठलाये रश्मि
तम विनाश हर्ष मनाती
लो लतिका ने लहराया अंचल
उघडा रे नवनीत सौन्दर्य
मादकता बन बहता दरिया
देखो ना मदभरा लावण्य अलौकिक
रश्मियों के घिरी जाल मे
उषा अपना रूप लजाये
कलरव करते पंछी आये
गीत प्रभात नवेले गाते
आशाओं का राग भरा रे
आओ ना प्रियतम आई बेला
स्नेह सुंदरी आंगन घेरे
आओ ना अब एक राग हो ले।
छगन लाल गर्ग।