नहीं समझ पाया
माया तुम्हारी
अछूये जीये तुम
मुझे
मन माना जीवन रहा तुम्हारा
चाहा किया
यही कहूँगा हर बार
नहीं दी त्वज्जौ जिन्दगी को
कहते सुनता
बड़ी कीमती जिन्दगी
अनेकानेक पुण्यो का घनाव
देता जिन्दगी
पर तुमने सुना कहां किसी का
कभी
वहीं करते रहे
जिनसे डरती हैं जिन्दगिया
छल हुआ मेरे साथ
चले गये तुम
मंझधार बीच छोड़ कर
चलो ठीक
जीवन मृत्यु
अदृश्य जाने
पर तुम भी तो हुए अदृश्य
सर्वोच्च शक्ति समीप
कहना तुम
बारी का इन्तजारी
बाप
चाहता आना पास तुम्हारे
बेटे के बाद
कहोगे ना
अबकी बार
छल मत करना पुत्र ।
छगन लाल गर्ग।
माया तुम्हारी
अछूये जीये तुम
मुझे
मन माना जीवन रहा तुम्हारा
चाहा किया
यही कहूँगा हर बार
नहीं दी त्वज्जौ जिन्दगी को
कहते सुनता
बड़ी कीमती जिन्दगी
अनेकानेक पुण्यो का घनाव
देता जिन्दगी
पर तुमने सुना कहां किसी का
कभी
वहीं करते रहे
जिनसे डरती हैं जिन्दगिया
छल हुआ मेरे साथ
चले गये तुम
मंझधार बीच छोड़ कर
चलो ठीक
जीवन मृत्यु
अदृश्य जाने
पर तुम भी तो हुए अदृश्य
सर्वोच्च शक्ति समीप
कहना तुम
बारी का इन्तजारी
बाप
चाहता आना पास तुम्हारे
बेटे के बाद
कहोगे ना
अबकी बार
छल मत करना पुत्र ।
छगन लाल गर्ग।