विषय - दीपावली!
विधा -चौपाई छन्द आधारित गीतिका!
दीपावली रश्मि रोनक घेरा!
सत्य पताका का फल हेरा !
राम विजय की कथा निराली!
पाप नष्ट कर पुण्य बिखेरा !!
सामाजिक समरसता आये!
धर्म कर्म का पर्व घनेरा !
सूत्र उपनिषद का उजियारा !
करे प्राण रोशन बहुतेरा!!
सभी धर्म चाहे उजियारा!
पाप मिटे जग रोशन तेरा !
तिथि कार्तिक माह अमावस्या !
जले दीप बहु भया सवेरा!!
राम नाम है बहु गुण कारी!
धर्म भक्ति आदर्श बसेरा !!
रावण पापी दुष्ट मिटाये!
तन मन रोशन भाव उकेरा!
गूँज उठा आंगन गलियारा!
दीप ज्योति चमके महिघेरा!!
मिट्टी मे लघु दीप जले रे!
दीपक पात्र गढे कसेरा !!
मान करे मर्यादा ऐसी!
रीति नीति बहु चले चितेरा!!
मात सिया त्याग संग जीना!
भाया सुन्दर भोर बिखेरा !!
उत्सव है यह साफ-सफाई !
रंगोली रंगे चित मेरा !!
सजधज कर सब सुन्दर होई!
घर आंगन उजला बहुतेरा !!
टूट फूट मरम्मत सुधारे!
नवल निशा घर हुआ बसेरा!!
दीप माल बहु घर घर शोभे !
रश्मि पंथ तल जगमग फेरा!!
आओ हिलमिल प्रेम बढाये !
दीपोत्सव रस भरे ठठेरा!!
राम राज्य की गंग बहाये!
प्रियजन प्रेम बसे चित घेरा!!
छगन लाल गर्ग "विज्ञ"!
गांव - जीरावल , सिरोही!
राजस्थान!
विधा -चौपाई छन्द आधारित गीतिका!
दीपावली रश्मि रोनक घेरा!
सत्य पताका का फल हेरा !
राम विजय की कथा निराली!
पाप नष्ट कर पुण्य बिखेरा !!
सामाजिक समरसता आये!
धर्म कर्म का पर्व घनेरा !
सूत्र उपनिषद का उजियारा !
करे प्राण रोशन बहुतेरा!!
सभी धर्म चाहे उजियारा!
पाप मिटे जग रोशन तेरा !
तिथि कार्तिक माह अमावस्या !
जले दीप बहु भया सवेरा!!
राम नाम है बहु गुण कारी!
धर्म भक्ति आदर्श बसेरा !!
रावण पापी दुष्ट मिटाये!
तन मन रोशन भाव उकेरा!
गूँज उठा आंगन गलियारा!
दीप ज्योति चमके महिघेरा!!
मिट्टी मे लघु दीप जले रे!
दीपक पात्र गढे कसेरा !!
मान करे मर्यादा ऐसी!
रीति नीति बहु चले चितेरा!!
मात सिया त्याग संग जीना!
भाया सुन्दर भोर बिखेरा !!
उत्सव है यह साफ-सफाई !
रंगोली रंगे चित मेरा !!
सजधज कर सब सुन्दर होई!
घर आंगन उजला बहुतेरा !!
टूट फूट मरम्मत सुधारे!
नवल निशा घर हुआ बसेरा!!
दीप माल बहु घर घर शोभे !
रश्मि पंथ तल जगमग फेरा!!
आओ हिलमिल प्रेम बढाये !
दीपोत्सव रस भरे ठठेरा!!
राम राज्य की गंग बहाये!
प्रियजन प्रेम बसे चित घेरा!!
छगन लाल गर्ग "विज्ञ"!
गांव - जीरावल , सिरोही!
राजस्थान!